दोस्तो से  शायरी
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        दोस्ती नाजारों से हो 
दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,
चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,
हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,
और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते हैं।


बादल नाम तो एक ही है लेकिन इसके मायने भी अलग-अलग हैं और लोगों के लिए इसकी ज़रूरत भी। किसानों को बादल आशा देते हैं, प्यासों को राहत, नदियों को जल देते हैं और गर्मी को राहत। बिंब के रूप में भी इसके कई प्रयोग हैं। बादल को पहरे के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया है। जानें क्या कहते हैं शायर बादलों के बारे में



अपना बादल तलाशने के लिए
उमर भर धूप में नहाए हम
- राहुल कुमार


दूर तक फैला हुआ पानी ही पानी हर तरफ़
अब के बादल ने बहुत की मेहरबानी हर तरफ़ की
- अनिल कुमार

धूप के बादल बरस कर कर रहे थे और मैं
ओढ़ कर शबनम की चादर छत पेय रात भर
- छोटू सरोज


बरसात का बादल तो दीवाना है जो जा रहा है
किस राह से बचना है किस छत को अलगोना है
-सोनू पाल

कोई दीवाना कहता है कि कोई पागल सोचता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल सच है
अजय सिंह

ले चले गए बहुत दूर हवाएं व्हॉट्सएप
उसी बादल में मेरी प्यास बुझाने वाली थी



गुजर रहे हैं तो हैं,
लेकिन बीतारे नहीं जाते ... !!! "
दोस्ती करो तो धोका मत दो,
धनरो को आंसुओ को तोहफा मत देना,
दिल से रोये कोई जिंदगी भर,
ऐसे किसी को मौका मत देना |







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